Total Pageviews

Sunday, July 18, 2010

मौन तुम्हारा

अतुल सुखदाई ये मौन तुम्हारा,

जीवन की डोर कों दिए सहारा ।

श्रवण रंध्र अमिय रस पान कर गए,


नेत्र बोलने का दिव्य कम कर गए ।


रोम रोम में रचे बसे सांवरे,


छीन लिया हमसे ही ह्रदय हमारा ।

छलिया नहीं न ही नटखट कहें ,

बस याद में ये अन्खियाँ बहें।

तड़पना कहाँ तक न जाना कभी ,

विवश धैर्य ने भी किया किनारा ।

बिन बोले ही बोलते रहे राग में

भीगा ये तन मन अनुराग में।

मौन भंग की अब नहीं कामना ,

विपुल सुखदाई ये दिव्य सहारा।

लोक रंजन में कुछ भी डुबोया नहीं ,

देकर बहुत कुछ भी खोया नहीं ।

पूज्य कदमों में श्रद्धा सुमन सांवरे,

अर्पित करेगा ये जग सारा ।

rajni

निःशब्द

रिक्त शब्द कोष में तलाश रहे शब्द ,


किन्तु शून्य चेतना ह्रदय निःशब्द।


रंग पर्व पर लें बधाइयाँ विशेष


आर्य शक्तियां रहें संग सदा लब्ध। .......................उपेन्द्र

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

स्वाती

स्वाती की बूँद से, पपीहा को आप,
हरने को आये थे, घोर संताप ।
परम तृप्ति का परम कारन हो दिव्य,
साधक पपीहा की, निष्ठां हो आप।

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

Friday, July 2, 2010

गर्व से कहो हम कायस्थ हैं.

कायस्थ समाज ने भारत कों सर्वधिक् महापुरुष दिए हैं .......महादेवी वर्मा ,मुंशी प्रेमचन्द्र ,रामकुमार वर्मा वृन्दावन लाल वर्मा,हरिवंश राय बच्चन ,सरोजनी नायडू ,.................डॉ राजेंद्र प्रसाद ,लाल बहादुर शास्त्री ,स्वामी विवेकानंद ,सुभाषचंद्र बोस ,महर्षि महेश योगी, वन्किम्चंद्र रविन्द्र नाथ टैगोर,अमिताभ बच्चन ,राजू श्रीवास्तव .......न ...जाने कितने ..कायस्थ उपनाम बदल कर काम करते हैं।

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

sadh adhuri: खजुराहो है शान हमारी

Thursday, July 1, 2010

स्मृतियाँ

जिनकी स्मृतियाँ महकें ,उनसे क्या बात करें ।

जो रोम रोम में मुखरित ,क्या मुलाकात करें ।

अहसास बड़े गहरे हैं ,अंतस तक है पैठ ,

बिन घात ह्रदय घायल है, कैसे प्रति घात करें ।