"antas ki avaj"
जिनकी स्मृतियाँ महकें ,उनसे क्या बात करें ।
जो रोम रोम में मुखरित ,क्या मुलाकात करें । अहसास बड़े गहरे हैं ,अंतस तक है पैठ , बिन घात ह्रदय घायल है, कैसे प्रति घात करें ।
जो रोम रोम में मुखरित ,क्या मुलाकात करें ।
अहसास बड़े गहरे हैं ,अंतस तक है पैठ ,
बिन घात ह्रदय घायल है, कैसे प्रति घात करें ।
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