आज तो असीम श्याम
ठहर जाइए
भावमय ये विहार
ठहर जाइए
भावमय ये विहार
थिर बनाइये
नजर भर निहारने की
साध अधूरी
भाव सुमन सौंप करूँ
आज पूरी
पुष्पांजलि भरे
भाव रागनी
अभीष्ट ईष्ट राधना
की सौदामनी
बिखेर रही राग से
विरागनी प्रसून
sveekariye
पायेगी
पायेगी
बावरी शुकून